Case Study
कुछ चुनिंदा मामले, जिनका तुरंत हुआ समाधान |
  • चतरा--दिनांक 12 अगस्त अहले सुबह 4 बज के 18 मिनट पर मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र मे चतरा जिले के हंटरगंज इलाके से मोहम्मद इम्तियाज़ का फोन आया। इम्तियाज़ की आवाज ये बताने के लिए काफी थी की वो किसी बड़ी समस्या मे हैं। हमारे संवाद एक्सपर्ट पवन साव ने मामले की गंभीरता को समझा और पहले इम्तियाज़ को शांत करवाया और फिर उनसे मामले की जानकारी ली, पता चला की हंटरगंज प्रखण्ड के जोड़ीकला गाँव मे लगातार हो रही बारिश की वजह से बाढ़ आई हैं। घर, पुल, सड़के,घर, इंसान और मवेशी सभी पानी की तेज धार मे बह रहे हैं। पवन ने फौरन मामले को गंभीरता से लिया और अपने सीनियर को इसकी सूचना दी, बिना देर किए तमाम संबन्धित विभागों को इस आपदा की सूचना दी गई। इतना ही नहीं जन संवाद केंद्र के संवाद एक्सपर्ट और सीनियर लगातार बाढ़ पीड़ितों से उनका हाल, और विभागों की तरफ से पहुँचने वाले मदद की जानकारी लेते रहे और इन जानकारियों को विभागों तक पहुँचाते रहे। इस। तरह बड़ी तबाही से लोगों को बचाने की कायवाद क़ामयाब रही। संभलने के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र को धन्यवाद दिया ।
  • हजारीबाग जिले के अमित कुमार की तबीयत 02-08-2016 को अचानक बिगड़ी तो उनके भाई कपिल कुमार ने बेहतर इलाज करने के लिए अमित को रांची लाया गया । रांची के एक निजी हॉस्पिटल में अमित को भर्ती करवाने से पूर्व उनके भाई ने इलाज मे होने वाले खर्च की जानकारी मांगी तो हॉस्पिटल प्रबंधन ने लगभग 40-50 हजार रूपय खर्च की बात कही गई। 3 तारिक की अमित की मृत्यु हो गई, जिसके बाद हॉस्पिटल ने 1 लाख 19 हजार का बिल कपिल के हाथ मे थमा दिया। आर्थिक रूप से कमजोर कपिल ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र मे की। हमारे संवाद एक्सपर्ट पवन साव ने मामले की गंभीरता को समझा और हॉस्पिटल प्रबंधन से बात करते हुए कहा की हॉस्पिटल द्वरा जारी बिल की जांच उपरांत पैसो का भुगतान किया जाएगा। इस बात-चित के बाद 10 मिनट के बाद ही फिर शिकायतकर्ता का पुनः फोन आया और उन्होने बताया की हॉस्पिटल ने फिर से बिल जारी किया हैं जिसमे मात्र 63 हजार भुगतान करने को कहा गया हैं। कपिल,भाई की मौत के सदमे मे डूबे हुए थे बावजूद इसके वे मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र से मिली राहत के लिए धन्यवाद देना नहीं भूले ।
  • टंडवा में कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार करने की शिकायत मिली, तो इस मामले को सीधा जिले के नोडल अफसर के समक्ष रखा गया। आरोपी शिक्षिका दीपावली राय के विरुद्ध विभागीय जांच में यह आरोप सही पाया गया। जिले के उपायुक्त द्वारा भी जांच कमेटी गठित कर शिकायत की जांच की गयी, जिसमें यह साबित हो गया कि स्कूल में छात्राओं के साथ शिक्षिका दुर्व्यवहार करती थीं। फिर भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। जन संवाद केंद्र में मामला आते ही आरोपी शिक्षिका को तत्काल वार्डन के पद से मुक्त कर दिया गया।
  • देवघर के करौं से एक नागरिक ने पिछले 20 मई को शिकायत, कि हाइकोर्ट के आदेश के बावजूद देवघर के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा 54 पारा शिक्षकों के मानदेय का भुगतान अगस्त 2014 से नहीं किया जा रहा है। इस मामले को तत्काल नोडल अफसर को अग्रसारित किया गया, जिसके बाद छह जून 2015 को भुगतान कर दिया गया। यानी शिकायत मिलने और नोडल अफसर तक पहुंचने के पंद्रह दिनों के भीतर ही समस्या का समाधान हो गया ।
  • धनबाद के निरसा प्रखंड के मुरमा से शिकायत आयी कि गांव में लगे चार चापानल में से तीन खराब हैं। आठ जून को शिकायत की गयी थी और 18 जून को चापानल की मरम्मत कर दी गयी।
  • दुमका स्थित आसनसोल पंचायत के टिंघरा से 12 जून को शिकायत की गयी की ग्रामीण बैंक महरो के प्रबंधक द्वारा अक्तूबर 2014 से विकलांग पेंशन नहीं दिया गया है। 17 जून 2015 को पेंशन का भुगतान सुनिश्चित कराया गया।
  • दुमका जिले के रामगढ़ के कोनापाथर से 8 जून को शिकायत आयी कि गांव का ट्रांसफारमर छह साल पूर्व ही जल गया, लेकिन विभाग द्वारा इसे नहीं बदला गया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वयं मुख्यमंत्री महोदय ने कड़ा निर्देश जारी किया। परिणाम यह हुआ कि 18 जून को वहां 25 केवीए का नया ट्रांसफारमर लगा दिया गया । गांव में छह साल के बाद बिजली आयी और लोगों के चेहरे खिल उठे।
  • गढ़वा जिले के नगर उंटारी के पटरियाखुर्द से गत दो जून को शिकायत की गयी कि पीडीएस डीलर द्वारा बीपीएल परिवार को 35 किलो की जगह 22 किलो ही राशन दिया जा रहा है। शिकायत की छानबीन की गयी, तो मामला सत्य पाया गया। इसी आधार पर 11 जून को राशन डीलर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। अब वहां लोगों को 35 किलो चावल मिल रहा है।